Home Business Person How Nike Became a $199 Billion Sports Company| नाईकी की कहानी

How Nike Became a $199 Billion Sports Company| नाईकी की कहानी

by Admin
1 comment
How Nike Became a $199 Billion Sports Company| नाईकी की कहानी

आज भले ही Nike दुनिया की सबसे बड़ी स्पोर्ट्स ब्रांड है पर इस कंपनी को 24 साल के एक लड़के ने अपनी गाड़ी से शुरू की थी तो चलिए जानते हैं कि कैसे एक युवा लड़के ने दुनिया की सबसे बड़ी Sports Brand बना दी ।

Phill Knight
Phill Knight

Basic Information (सामान्य जानकारी) :

कंपनीNike
हैडक्वाटर बीवर्टन, ओरेगन (USA)
कब शुरू हुई 1964
किसने शुरू की थीफील नाइट
रिवेन्यू $37.4 बिलियन
नेट वर्थ $199.79 बिलियन
कर्मचारी79000 +
CEO जॉन डोनाहो
प्रोडक्ट शूज, जर्सी, बैग, ट्रैक सूट…
वेबसाइट www.nike.com

How Nike Started (Nike की शुरआत कैसे हुए) :

फील नाइट जो कि नायक की के मालिक है उनको अपने शुरुआती कॉलेज दिनों में दौड़ने का शौक रहा है जब उनको अपने कॉलेज में मार्केटिंग और छोटे बिजनेस के बारे में असाइनमेंट लिख लिखने को कहा गया। फील को दौड़ने का तो पहले से ही शौक था इसलिए फील ने जूतों के बिजनेस के बारे में लिखा और इसी बिजनेस के बारे में लिखते समय फील ने दिमाग में मजबूत जूतों हो और वो सस्ता भी हो ऐसा जूता बनाने का आइडिया आया।

Read More | Gucci Brand सक्सेस स्टोरी

ऐ आइडिया के बारेमे वो दिन रात सोचते रहते थे और अपने मां और बाप से थोड़े बहुत पैसे लेकर वो दुनिया के सफर करने के लिए चले गए।

Blue Ribbon Sports
Blue Ribbon Sports

अपने आईडिया पर काम करके फील को मालूम पड़ा कि वह जापान में जूते बनाने वाली कंपनी से अपने जूते बनाकर अमेरिका में बेच सकते हैं।

फिर यही सोचकर जापान गए वहां पर जूते बनाने की कंपनी के मालिक के साथ थोड़े दिन मेहनत मशक्कत करने के बाद मिले। कंपनी के मालिक ने थोड़े और दिन के बाद फील के इस आइडिया के साथ काम करने में हा कहा। फील फिर उसके बाद अपने घर वापिस आया और वहां पर जापान से जूते आने का इंतजार कर रहे हैं और थोड़े दिन के बाद जब जूते आए तो फिर ले वह सारे जूते अपनी गाड़ी में रखें और गाड़ी से ही सारे जूते को बेच दिया। और दूसरा ऑर्डर दे दिया।

और ऐसे इस तरह Nike की शुरुआत हुई।

इस समय के दौरान अपने कॉलेज के कोच बॉवर मैन के साथ संपर्क किया और उसने अपने जूते के बारे में उसको बताया फिर फील और बॉवर मैन ने मिलकर $1000 के Blue Ribbon Sports नाम की कंपनी को 25 जनवरी 1964 में शुरू की जो आगे जाकर Nike की बनी।

Read More | Louis Vuitton सक्सेस स्टोरी

फील और बॉवर मैन अपने शुरुआती जूते जापान से बना कर लाते थे और उसको टाइगर नाम से ग्राहकों को बेचते थे और ग्राहक उसे बहुत पसंद करने लगे।

पहले टाइगर जूते फील ने अकेले अपनी गाड़ी से बेचा था उनके बाद जब ग्राहक की मांग और ज्यादा संख्या में बढ़ने लगी तब वह जैक जॉनसन नाम के युवा लड़के से मिले फिल ने अपने टाइगर जूते के और अपनी कंपनी के बारे में उसको बताया फिर जैक भी कहा कि मैं भी आपके लिए जूते बेचूंगा।

और इसी तरह जैक जॉनस Nike के पहले कर्मचारी बने। जैक अपने काम में इतने अच्छे थे के पहले 10 महीने में 3250 जूते को बेच दिए।

टाइगर जूते बिकने लगे और कर्मचारी की संख्या बढ़ने लगी तब फील और बॉवर मैन बहुत सोचने के बाद ब्लू रेड स्पॉट को बदल कर अपनी कंपनी का नाम Nike रखा। इसी दौरान उसने जब वह लोगों बनाने के लिए अपने दोस्त के जान पहचान में एक ग्राफिक डिजाइनर को बुलाया और उन्होंने Nike का आईकॉनिक लोगो सिर्फ $35 में बनाया।

Nike Success (नाईकी की सफ़लता) :

जब नाईक अपने जूते को ज्यादा ग्राहकों से पहुंचने लगी तो फील ने एक एड एजेंसी को हायर किया की वो Nike को पूरे US में प्रचार करे। इसी दौरान बॉवर मैन हमेशा जूते की बेहतर डिजाइन बनाने के लिए काम करते रहते थे। फील को अब पूरे अमेरिका में पहुंचना था इसी लिए वो प्रचार के लिए नए नए तरीके ढूंढ ने लगे।

Read More | Shark Tank Judge Ashneer Grover Biography 2023

ओरेगन में होने वाली दौड़ की इवेंट को पहेली बार जैसे तैसे करके स्पॉन्सर किया और खिलाड़ी को पैसे देकर Nike के जूते की ब्रांडिंग करने लगे।

Nike Headquarter
Nike Headquarter

इसी तरह Nike आगे बढ़ने लगी और बाद में थोड़े ही साल के अंदर Nike Olympic के खिलाड़ियों से मिले और उनको ये जूते पहने किए पैसे दिए और ऐसे उनसे अपने जूते की ब्रांडिंग को और बेहतर बनाई।

Just Do it Campaign:

1988 में Nike के Dan Worden जो की एड एजेंसी से जुड़े हुए थे उन्होंने “Just Do it” नाम से एड Campaign करने के बारेमे फील को बताया। फील जो अपनी कंपनी Nike की ब्रांडिंग करने के लिए अलग अलग तरीके ढूंढते रहते थे उनको ये आइडिया बहुत ही पसंद आया। और “Just Do it” एड Campaign इतना सफल हुआ की इस Campaign को बिसवी सदी के टॉप 5 नारा (Slogan) में शामिल किया गया।

Nike 2023 (2023 में नाईकी) :

Nike's Shop
Nike’s Shop

Nike आज के समय 170 देशों में अपने प्रॉडक्ट बेचती है। और 79000 से ज्यादा कर्मचारी और 3 लाख 6 हजार करोड़ रूपए की सालाना कमाई के जरिए आज वो दुनिया की सबसे बड़ी Sports Company बन चुकी है।

Read More | महादेवी वर्मा जिवन परिचय

Conclusion :

Hello, People मेरा नाम Alpesh है और में गुजरात से बिलॉन्ग करता हु, तो हमने इस Article मे हमने Sports Brand Nike की शुरुआत से लेकर आज तक की कहानी बताई है जो की आपको पसंद आई होगी।

आप मुझसे इंस्टाग्राम पर कॉन्टैक्ट कर सकते है ये मेरा अकाउंट का लिंक है यहां टैप करें – https://instagram.com/alpeshaal16?igshid=YmMyMTA2M2Y=

FAQ :

Q. नाइके के जूतों की सबसे ज्यादा कीमत क्या है?

Ans : Solid Gold Ovo Air Jordan जिसकी कीमत तकरीबन 2 मिलियन डॉलर बताई जा रही है ।

Q. भारत में सबसे महंगा जूता कौन सा है?

Ans : सॉलिड गोल्ड ओवीओ एक्स एयर जॉर्डन जिसकी कीमत तकरीबन 14 करोड़ से ज्यादा है।

Q.नाइक के जूते की कीमत क्या है?

Ans : Nike के सबसे शुरुआत के जूते की कीमत 1200 से शुरू होती है।

Q. Nike की नेट वर्थ कितनी है?

Ans : Nike की नेट वर्थ तकरीबन $199 बिलियन है।

Q. Nike की शुरआत किसने की थी?

Ans : Nike की शुरुआत फील ने की थी।

You may also like

1 comment

Kalam Ink - Yes We Cry Lyrics January 23, 2023 - 9:56 am

[…] Nike Success Story in Hindi […]

Reply

Leave a Comment

About Us

Welcome to motivestories.com, your one-stop destination for insightful blogs spreading over the domains of business, sports, news, finance, science, entertainment, and lifestyle. Our devoted group of writers is focused on conveying engaging and informative content, keeping you in the know and entertained. Explore the world with us today!

@2022 – All Right Reserved. motivestories